मनचाही संतान या पुत्र प्राप्ति मंत्र

क्या आप जानते है कि वैदिक शास्त्रों में उत्तम एवं मनचाही संतान प्राप्ति के लिए अनेक मंत्र जाप, तप, अनुष्ठान, हवन, व्रत आदि बताए गए हैं लेकिन उन सभी में सबसे ज्यादा सिद्ध, प्रभावी एवं चमत्कारिक रूप से असर दिखाने वाला मंत्र सूर्य मंत्र होता है. यह ऐसा मंत्र है जिसकी महिमा अनेक शास्त्रों में मिलती है.

सूर्य देव को समर्पित इस मंत्र के प्रभाव से मनुष्य को निश्चित रूप से उत्तम गुणों वाली मनचाही संतान की प्राप्ति होती है. लेकिन इस मंत्र का जाप पूर्ण श्रद्धा के साथ सात्विक रहते हुए किया जाना चाहिए. इस मंत्र के संपूर्ण नियमों का पालन करते हुए जाप करने से सिद्धि जल्दी होती है. यह मंत्र उन लोगों के लिए भी अत्यंत प्रभावशाली है जिन्हें संतान सुख प्राप्ति में कोई भी बाधा आ रही है.

मित्रों हिंदू धर्म के अनुसार देखा जाए तो सूर्य देवता ही एक मात्र ऐसे देवता है. जिन्हे हम साक्षात देख सकते हैं. सूर्य देवता का विधि-विधान के अनुसार पूजा और मंत्र जाप किया जाना चाहिए. जिससे हमारी सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं. किन्तु क्या आप जानते है कि सूर्य देवता के कुछ ऐसे मंत्र और उपाय भी है जिनको करने से आपको पुत्र की प्राप्ति होती हैं.

यह केवल एक आस्था एवं भक्ति में विश्वास का विषय हैं. अगर पूरे विश्वास और सच्चे मन से आस्था पूर्वक सूर्य देवता का स्मरण किया जाए तो आपकी पुत्र प्राप्ति की यह मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती हैं.

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से सूर्य देवता के कुछ ऐसे मंत्र और उपायो के बारे में बताएंगे जिससे अवश्य ही आपको मनचाही संतान की प्राप्ति होगी. तो आईए आपको उन मंत्र और मनचाही संतान प्राप्त करने के उपायो से अवगत कराते है.

पुत्र प्राप्ति के लिए सूर्य मंत्र

इसके लिए सर्व प्रथम आप घर में सोने या चाँदी से बने हुए सूर्य यंत्र की स्थापना करे. अब हर दिन सूर्य यंत्र को पूर्व दिशा की ओर रख दीजिए और आप उसकी तरफ मुख करके बैठ जाइए. अब दीपक जलाकर सूर्य यंत्र एवं सूर्य देवता को प्रणाम करे. एवं नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करे.

पुत्र प्राप्ति के लिए सूर्य मंत्र- 
“ॐ सूर्याय नम:”

जो दीपक आप सूर्य देवता के सामने जलाते हैं. उस दीपक में आपको चार बत्तिया लगानी चाहिए. जिसमे प्रत्येक बत्ती दूसरी वाली बत्ती से 90 अंश की दुरी पर जलानी चाहिए. मतलब चारों दिशा में एक-एक बत्ती जलनी चाहिए. ध्यान रखे की जब तक आपका मंत्र उच्चारण चलता है दीपक जलता रहना चाहिए.

यह उपाय आपको 40 दिन तक नियमित रूप से विश्वास पूर्वक करना चाहिए. इसके बाद संतान प्राप्ति के लिए कोशिश करे. किन्तु आपको यह साधना बंद नही करनी हैं. प्रेगनेंसी के चार-पाँच महीनो तक यह उपाय करते रहना चाहिए.

अन्य उपाय

पुत्र की प्राप्ति की चाह रखने वाली स्त्री रविवार वाले दिन प्रात:काल उठकर सिर धो ले. अब बालो को खुले रखकर सूर्य देवता को जल अर्पण करे एवं सूर्य देवता से हाथ जोड़कर पुत्र की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करे. इस उपाय को आपको 16 रविवार तक करना है. इससे आपकी मनोकामना अवश्य ही पूरी होगी.

जैसा की आपको बताया गया यह उपाय 16 रविवार तक करना हैं. किन्तु अगर आप इस उपाय को रोजाना करे 16 रविवार तक तब यह और भी अच्छी बात हैं. आपको यह उपाय करने में लगभग साढ़े तीन महीने जितना समय लगेगा. यदि रविवार से रविवार तक करते है तो अच्छा है लेकिन रोजाना 16 रविवार तक करते है तो यह बहुत ही अच्छी बात हैं.यह करने से आपको एक और अच्छा लाभ होगा. आप रोजाना प्रात:काल उठेंगे तो इससे आपका शरीर भी निरोगी रहेगा.

उपाय करते समय ध्यान राखी जाने वाली बातें

  1. यह उपाय आप जितने दिन करते है सात्विक भोजन ही लें. इस दौरान मांसाहारी भोजन बिलकुल भी ग्रहण ना करे.
  2. आप जब तक यह उपाय कर रहे है. घर में सकारात्मक माहौल रखे. अपने दिमाग को नकारात्मक ना होने दे. इस उपाय के दौरान घर में लड़ाई झगड़ा ना करे एवं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे.
  3. इस दौरान पति के साथ सम्बन्ध ना के बराबर ही बनाए. जिससे आपके पति में पुरुष तत्व बलवान बन सके. इस समय में आप अपने पति को दूध एवं दूध से बनी चीजों का सेवन अधिक कराएँ.
  4. जिस भी समय पत्नी अपनी साधना या उपाय करने के बाद में पति के साथ संतान प्राप्ति के लिए कोशिश करे. उस दौरान स्त्री का मासिक धर्म नही होना चाहिए. महावारी के शरू होने के 5 दिन पहले से संतान प्राप्ति के लिए कोशिश करते रहें. क्यूंकि जब गर्भाशय का मुँह बंद होता हैं तब आप कितने भी उपाय कर लें फायदा नही होता है.
  5. जब से आप उपाय शरू करते है. तब से रोजाना यदि बछड़े वाली गाय का दूध मिल जाए तो इसे रोजाना पीए इससे संतान प्राप्ति की संभावना और बढ़ जाती हैं.

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