भाग्य बदलने से पहले कौआ देता है यह संकेत

कौए को अतिथि आगमन का सूचक और पितरो का आश्रय स्थल माना गया हैं. पुराणों की कथा के अनुसार कौए ने अमृत का स्वाद चख लिया था इसलिए मान्यता के अनुसार कौए की कभी भी स्वाभाविक मृत्यु नहीं होती है. कोई भी बीमारी और वृद्धावस्था में भी इसकी मृत्यु नहीं होती हैं. इनकी मृत्यु आकस्मिक रूप से ही होती हैं.

इस प्रकार की बातों को कोई वैज्ञानिक आधार तो नहीं है. लेकिन आज भी कई लोग इन बातों को मानते हैं. शगुन और अपशगुन कि जहाँ भी बात होती है वहां कौए का जिक्र भी आता है और उस पर शुभ अथवा अशुभ की चर्चा भी की जाती है. शगुन शास्त्र में कौए से जुड़ी बातों का जिक्र भी विस्तार से किया गया है. तो आइए कौए से जुड़े उन धन लाभ के संकतों के बारे में जानते हैं.

कौए द्वारा दिए जाने वाले संकेत

यदि सूर्योदय के समय पर घर के सामने कौआ बोले तो यह अच्छा शगुन माना जाता है. शगुन शास्त्र के अनुसार, ये संकेत मान-प्रतिष्ठा एवं धन लाभ देने का सूचक होता है. वहीं यदि आपको कौआ अपनी चोंच से भूमि खोदता हुआ दिखाई दे तो यह अच्छा शगुन माना जाता है. एवं यह भी माना जाता है कि इससे खूब सारा धन प्राप्त होता है.

कौए का पीछे से बोलना एक शुभ संकेत माना जाता है. यह आपकी चल रही समस्याओं से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है.

कौआ यदि चोंच में तिनका या रोटी का टुकड़ा लिए आपको दिखाई देता है तो समझ लीजिए कि आपको जल्द ही भविष्य में धन लाभ प्राप्त होने वाला है. या फिर आपको कीमती वस्तु प्राप्त हो सकती है.

यदि रास्ते में आपको पानी पीता हुआ कोई कौआ दिख जाए तो यह इस बात का संकेत है कि आपको धन लाभ हो सकता है. साथ ही आप जिस भी काम के लिए जा रहे हो उस काम में आपको सफलता भी प्राप्त होती है.

यात्राओं पर विचार

  • यात्रा करने से पहले यदि कौंवों को दही-चावल का भोग लगाते है तो यात्रा सफल होती है.
  • अगर कौआ बाईं और से आकर भोग को ग्रहण करता है तब यात्रा निर्विघ्न संपन्न होती है.
  • अगर कौआ पीठ पीछे से आता है तो प्रवासी को लाभ प्राप्त होता है.कौआ दाईं तरफ से उड़कर बाईं तरफ जाए एवं भोग ग्रहण करें तो यात्रा में सफलता मिलती है. अन्यथा विपरीत फल प्राप्त होता है.
  • अगर कौआ सामने से आकर भोग ग्रहण करता है और पैर से सिर खुजलाएं तब कार्य सिद्ध होता है.
  • अगर कौआ भोग ग्रहण कर उड़ कर कुएं की पाल पर जाकर बैठे, नदी के तट पर जाकर बैठे या जलपूर्ण घट पर बैठ जाए तो खोई हुई वस्तु मिलती है एवं मुकदमे में जीत हासिल होती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है.
  • अगर हवेली या अटारी पर या फिर हरे-भरे वृक्ष पर जाकर बैठे तो अकस्मात धन लाभ मिलता है.
  • कौआ अगर अपनी चौंच में फल, रोटी या मांस का टुकड़ा दबाए हुए दिखाई दें तो अभिष्ट कार्य की सफलता होती है.
  • कौआ यदि गाय की पीठ पर बैठकर अपनी चोंच रगड़ता हुआ दिखाई दे तो उसे उत्तम भोजन की प्राप्ति होती है.
  • सूखे तिनके को अपनी चोंच में लिए हुए दिखे तो धन लाभ होता है.
  • कौए की चोंच में फूल-पत्ती हो तो मनोरथ की सिद्धि प्राप्त होती है.
  • यदि कौआ अनाज के ढेर के ऊपर बैठा मिले तो धान्य लाभ होता है एवं गाय के सिर पर बैठा मिले तो प्रियजनों से भेट-वार्ता होती है.
  • ऊंट की पीठ पर बैठा मिल जाएँ तो यात्रा कुशल होती है.
  • अगर कौआ सूअर की पीठ पर बैठा दिखाई दें तो विपुल धन की प्राप्ति होती है.
  • कौआ धूल में लोटपोट होता हुआ दिखाई दें, तो उस स्थान पर वर्षा होती है.

कौए द्वारा दिए जाने वाले अशुभ संकेत

  • यदि कौए का झूंड घर की छत पर आकर शोर करने लगे तो यह इस बात का संकेत है कि घर के मालिक पर संकट आने वाले हैं.
  • अगर किसी भी महिला के सर पर कौआ आकर बैठता है तो यह संकेत है कि उसके पति को गंभीर संकट का सामना करना पड़ता है.
  • गधे की पीठ पर बैठा हुआ कौआ शत्रु भय का सूचक होता है.
  • गाय की पूंछ पर बैठा हुआ कौआ सर्वभय का कारण बनता है.
  • यदि कौआ कोयले के ढेर पर बैठा या हड्डी पर बैठा मिले तो,घोर कष्टों का सामना करना पड़ता है.
  • यदि कौए आपस में लड़ते हुए दिखाई दें तो आसपास किसी की हत्या होती है या फिर कोई पकड़ा जाता है.
  • जब कौआ सूखे हुए पेड़ पर बैठा दिखाई दें तो यह रोग का सूचक होता है.
  • यदि कौआ अपने ही पंखों को धुनता दिखाई देता है तो वहां किसी की मृत्यु होती है.
  • पेड़ की टूटी हुई डाल पर बैठा कौआ किसी के कारागार बंद होने की संभावना व्यक्त करता है.
  • यदि किसी के सिर पर कौआ हड्डी का टुकड़ा गिरा देता है तो उस व्यक्ति की निश्चित मृत्यु समझो.
  • भोजादि के अवसर पर कौए एकत्र हो जाते हैं. लेकिन यदि कौए बिना किसी प्रयोजन के किसी भी स्थान पर एकत्र होकर कर्कश ध्वनि करते हैं, तब उस स्थान पर अन्न, धन एवं जन की हानि होती है.
  • रात्रि के समय में यदि कौए एकत्र होकर कांव-कांव करने लगें तो यह दुर्भिक्ष या विनाश की सूचना होती है.

अन्य अशुभ संकेत

यदि आप किसी भी यात्रा पर जा रहे हो और रास्ते में आपको किसी सूखे पेड़ पर गिद्ध बैठा हुआ दिखाई दे तो यह अपशगुन माना जाता है. एवं ऐसी स्थिति में ऐसा बताया जाता है कि आपको तुरंत अपनी यात्रा वही रोक देनी चाहिए.

यदि आपके घर की छत पर बाज आकर बैठने लग जाएँ तो यह घर पर संकट का सूचक माना जाता है.

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